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मुख्‍य पृष्‍ठ भूजल स्थिति की मानीटरिंग

भूजल स्थिति की मानीटरिंग

भूजल मानीटरिंग का मूल उद्देश्य दिक्काल में उपलब्ध नमूनों के माध्यम से भूजल स्तर एवं गुणवत्ता संबंधी सूचना एकत्र करना है। बोर्ड सम्पूर्ण देश में फैले भूजल आकलन कुओं के व्यापक नेटवर्क के द्वारा लगातार भूजल स्तर का मानीटरिंग कर रहा है। जल स्तर का आकलन वर्ष मे चार बार अर्थात जनवरी, अप्रेल/मई, अगस्त एवं नवंबर माह मे किया जाता है और भूजल गुणवत्ता नमूने वर्ष मे एक बार अर्थात अप्रेल/मई के दौरान एकत्र किए जाते हैं।

जनवरी 2014 के दौरान भारत में भूजल स्तर परिदृश्य

जनवरी, 2014 के जल स्तर मानचित्र के अध्ययन से यह ज्ञात होता है की उप-हिमलायी क्षेत्र, गंगा नदी के उत्तरी क्षेत्र, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओड़ीसा, त्रिपुरा एवं तटीय तमिलनाडू में समान्यतः जल स्तर की गहराई 2-5 मीटर भूतल से नीचे (एमबीजीएल) के मध्य है। महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश ,असम , उत्तरी उत्तर प्रदेश , मध्यप्रदेश ,गुजरात एवं ओड़ीशा के अलग-थलग टुकड़ो में 2 एमबीजीएल से कम उथले जल स्तर पाये गए हैं। उत्तर पश्चिम राज्यों के मुख्य भागों में जलस्तर की गहराई समान्यतया 10-40 एमबीजीएल के मध्य है। देश के पश्चिमी भागों में 20-40 एमबीजीएल गहरा एवं 40 एमबीजीएल से अधिक गहरा जल स्तर रिकॉर्ड किया गया है। दिल्ली एवं राजस्थान के कुछ भागों में जल स्तर 40 एमबीजीएल से अधिक रिकॉर्ड किया गया। पूर्वी एवं पश्चिमी तट के साथ-साथ जलस्तर समान्यतया 10 एमबीजीएल से नीचे है। पश्चिम बंगाल के मध्य भाग में जल स्तर 5-10 एमबीजीएल अनयथा 10-20 एमबीजीएल के मध्य रिकॉर्ड किया गया। मध्य भारत मे जल स्तर समान्यतया 2 एमबीजीएल से 5 एमबीजीएल के मध्य है, कुछ छिट-पुट पाकेटों में जलस्तर 10 एमबीजीएल के नीचे पाया गया है। देश के प्रायद्वीपीय भागों में जल स्तर 5 से 20 एमबीजीएल के मध्य आँका गया है। जनवरी, 2014 के भारत के जलस्तर गहराई मानचित्र को रेखा चित्र -1 मे दर्शाया गया है।

जनवरी, 2014 के जल स्तर की गहराई और जनवरी (2004-13) के दशकीय औसत की तुलना से यह ज्ञात होता है कि 7607 कुओं अर्थात लगभग 62% कुओं के जल स्तर में वृद्धि हुई है, इनमें से 46% कुओं में 2 मीटर से कम की वृद्धि, लगभग 11% कुओं के जलस्तर में 2-4 मीटर वृद्धि और लगभग 5% कुओं में 4 मीटर से अधिक की वृद्धि पायी गयी है। 4618 कुओं अर्थात लगभग 38% कुओं के जलस्तर में गिरावट आई है, इनमे से 28% कुओं मे 0-2 मीटर की गिरावट, 5% कुओं के जल स्तर में 2-4 मीटर की गिरावट एवं शेष 2% कुओं में 4 मीटर से अधिक की गिरावट पायी गयी है। जलस्तर में 4 मीटर से अधिक की गिरावट मुख्यतः दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, पंजाब, राजस्थान एवं तमिलनाडू में पायी गयी है। जल स्तर मे 4 मीटर से अधिक वृद्धि मुख्य रूप से आंध्रप्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान एवं उत्तरप्रदेश में पायी गयी है। भारत के जनवरी, 2014 के दशकीय जल स्तर उतार-चढ़ाव मानचित्र सहित जनवरी (2004-2013) के औसत को रेखाचित्र –II पर दर्शाया गया है।